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IND W vs AUS W: भारत की महिला क्रिकेट टीम को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घर में ही खेली जा रही 5 मैचों की टी20 सीरीज के तीसरे मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा है। आज यानि 14 दिसंबर को मुंबई के ब्रेबॉर्न क्रिकेट स्टेडियम में दोनों टीमें दूसरे मैच के रोमांचक अंत के बाद भिड़ी थी।

जहां गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों ही मोर्चों पर मेहमान कंगारू टीम भारतीय खिलाड़ियों पर हावी होते हुए नजर आए। भारत की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने टॉस जीतने के बाद औस्ट्रालय को पहले बल्लेबाजी करने का न्योता दिया था। जिसके तहत उन्होंने 172 रन बनाए, लिहाजा 173 के निर्धारित लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम भारतीय टीम सिर्फ 151 रन ही बना सकी।

ऑस्ट्रेलिया ने पहले 2 ओवर में गंवाए 2 विकेट

टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करने के लिए ऑस्ट्रेलिया की शुरुआत बेहद निराशाजनक रही थी। तेज गेंदबाज रेणुका सिंह (Renuka Thakur) ने पहले ही ओवर में कप्तान एलीसा हीली को चलता कर दिया था, वहीं फिर अगले ही ओवर में युवा अंजली सरवानी ने पिछले मुकाबले में धाकड़ पारी खेलने वाली ताहिला मैग्रा को चलता कर दिया था। महज 5 रन के संयुक्त स्कोर पर मेजबानों ने अपने मुख्य बल्लेबाजों को गंवा दिया था।

एलिसा पैरी और ग्रेस हैरिस ने की भारतीय गेंदबाजों की कुटाई

पहले 2 ओवर में ही ऑस्ट्रेलिया मुश्किल परिस्थिति में आ गई थी, ऐसे में अनुभवी बेथ मूनी ने पारी को संभालने की कोशिश की, जिसमें उनका बखूबी साथ देते हुए एलिसा पैरी ने एक यादगार पारी खेल डाली। तीसरे विकेट के लिए इन दोनों खिलाड़ियों ने 64 रनों की साझेदारी कर डाली। इस जोड़ी देविका वैध ने बेथ मूनी का विकेट लेकर तोड़ा।

हालांकि तब तक दूसरे छोर पर पैरी ने भारतीय गेंदबाजो को रिमांड पर लेने का विचार कर लिया था। महज 47 गेंदों का सामना करते हुए उन्होंने 75 रन जड़ डाले। जिसमें 9 चौके और 3 छक्के शामिल थे। दूसरे छोर पर फिनिशर के रूप में ग्रेस हैरिस ने तूफ़ानी अंदाज में सिर्फ 18 गेंदों के भीतर ही 41 रन जड़ डाले। जिसके बूते ऑस्ट्रेलिया ने संयुक्त रूप से 8 विकेट के नुकसान पर 172 रन बनाए।

शेफाली-हरमन की तूफ़ानी पारी गई बेकार, भारत ने 21 रनों से गंवाया मैच

वहीं जब भारतीय टीम 173 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए स्मृति मंधाना संघर्ष करती हुई नजर आई। 10 गेंद के खेलने के बावजूद मंधाना सिर्फ 1 रन बनाने में कामयाब हो पाई, पारी के तीसरे ओवर में उन्हें डार्सी ब्राउन ने चलता कर दिया था। लेकिन दूसरे छोर पर शेफाली वर्मा मानो किसी और पिच और टीम के खिलाफ खेल रहीं हो। उन्होंने पावरप्ले के भरपूर इस्तेमाल करते हुए ताबड़तोड़ अंदाज में बल्लेबाजी करना जारी रखा।

नंबर-3 पर आईं जेमिमा तेज गति से रन बनाने की फिराक में आउट हुईं। उनका विकेट गिरने तक भारत ने 33 रन बनाए थे। लगातार विकेटों के पतन के बीच टीम इंडिया पिछड़ती हुई जा रही थी। लेकिन कप्तान हरमनप्रीत कौर ने क्रीज पर आते ही माहौल बदल दिया। शेफाली और उनके बीच 54 गेंदों में 73 रन की साझेदारी हुई। जिसने भारत को मुकाबले में बनाए रखा, लेकिन अंत में लगातार विकेटों के पतन के चलते भारत संयुक्त रूप से सिर्फ 151 रन ही बना पाया। हरमन और दीप्ति ने अंत में क्रमश: 37 और 25* रन बनाए थे।

स्मृति मंधाना की इस गलती के कारण भारत को मिली हार

भारत की इस हार का जिम्मेदार कहीं ना कहीं स्मृति मंधाना को ठहराया जा सकता है, क्योंकि पारी की शुरुआत में उन्होंने 10 गेंदों का सामना करते हुए सिर्फ 1 ही रन बनाया। ऐसे में अगर वह ऊपरी क्रम में कुछ और रन जोड़ती तो टीम का फायदा पहुंच सकता था। मिडल ओवर के दौरान शेफाली और हरमन की बल्लेबाजी के बूते भारत ने मैच पर पकड़ बनाए रखी थी। लेकिन बढ़ती रन गति के चलते दोनों बल्लेबाजों को अपना विकेट गंवाना पड़ा। हालांकि इसके बावजूद अंत में दीप्ति शर्मा नाबाद रही, लेकिन गेंद शेष नहीं होने के चलते बाजी ऑस्ट्रेलिया के हाथों में चली गई।