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टीम इंडिया में ऋषभ पंत  एक बड़ा नाम है. वो तीनों फॉर्मेट में खेलने वाले पहले खिलाड़ी हैं. साल 2017 में भारत के लिए पहला मैच खेलने वाले पंत ने बहुत कम समय में भारतीय टीम में अहम जगह बना ली है.

अब वो कप्तानी की रेस में भी शामिल हो चुके हैं और आने वाले समय में रोहित के जाने के बाद टीम इंडिया की कप्तानी के बड़े दावेदार हैं. लेकिन, पिछले एक साल से टीम इंडिया में ऋषभ पंत का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है. वो टीम के लिए हर बार फ्लॉप साबित हुआ है

पन्त ख़राब फॉर्म बना टीम इंडिया के लिए बोझ

भारतीय टीम इन दिनों टी20 विश्व कप के लिए ऑस्ट्रेलिया पहुंची है. टीम इंडिया ने विश्व कप से पहले ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं पर दो प्रैक्टिस मैच खेले हैं. इन दोनों मुकाबलों में ऋषभ पंत का बल्ला पूरी तरह खामोश रहा है.

पहले मुकाबले में ऋषभ पंत ने ओपनिंग बल्लेबाजी करते हुए 9 रन बनाये जबकि दूसरे मुकाबले में भी इतने ही रन बनाये. प्रैक्टिस मैच में पंत की ख़राब बल्लेबाजी टीम इंडिया के लिए बोझ बन चुका है.

मालूम हो कि पंत के ख़राब फॉर्म को देखते हुए टीम मैनेजमेंट ने दिनेश कार्तिक को टी20 विश्व कप के स्क्वॉड में शामिल किया है. घरेलू स्तर पर कार्तिक ने इस साल ऋषभ पंत के मुकाबले अच्छी बल्लेबाजी की है.

न ओपनिंग, न मिडिल ऑर्डर में फिट बैठ रहे पंत

भारत दौरे पर आई दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीसरे टी20 मुकाबले में ऋषभ पंत  ने ओपनिंग करते हुए महज 27 रन बनाये थे. एशिया कप 2022 में भी टीम इंडिया के लिए उन्होंने कुछ ख़ास प्रदर्शन नहीं किया था.

अगर आंकड़ों के आधार पर बात करें तो टी20 में ऋषभ पंत ने टीम इंडिया के लिए 3 मैचों में बतौर ओपनर बल्लेबाजी करते हुए 18.00 की बल्लेबाजी औसत से 54 रन बनाये हैं. इतना ही नहीं नंबर चार पर भी उनका प्रदर्शन ख़राब रहा है.

नंबर 4 पर बल्लेबाजी करते हुए पंत ने 21.54 की बल्लेबाजी औसत से 27 मैचों में 474 रन बनाये हैं.  ऐसे में, यह कहा जा सकता है कि पंत (Rishabh Pant) न तो बतौर ओपनर टीम में फिट बैठ रहे हैं और न ही एक मध्यक्रम बल्लेबाज के तौर पर.