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अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का पहला शतक शुभमन गिल ने अपने पिता को किया समर्पित

By Akhilesh

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भारतीय टीम ने जिम्बाब्वे को तीसरे एकदिवसीय मैच में करीब जाकर हराया। टीम इंडिया ने 13 रनों से मैच जीतते हुए सीरीज 3-0 से अपने नाम कर ली। शुभमन गिल ने शतक जड़कर टीम के लिए बेहतरीन कार्य किया। हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए इस मुकाबले में भारतीय टीम ने शुभमन गिल (130) के शतक की बदौलत पहले बल्लेबाजी करते हुए 8 विकेट पर 289 रन बनाए। इसके बाद जिम्बाब्वे टीम सिकंदर रजा (115) के शतक के बावजूद 49.3 ओवर में 276 रन पर ऑलआउट हो गई।

97 गेंदों पर 130 रन की पारी खेलने वाले गिल का यह अंतरराष्‍ट्रीय क्रिकेट में पहला शतक है। इससे पहले वो तीन मौकों पर 90 रन पर पहुंचने के बावजूद सेंचुरी लगाने से चूक गए थे। युवा बल्लेबाज शुभमन गिल ने कमाल का प्रदर्शन किया और अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का पहला शतक जमाया। उन्हें मैन ऑफ द मैच और प्लेयर ऑफ द सीरीज भी चुना गया। गिल ने ये अवॉर्ड अपने पिता को डेडिकेट किए।

गिल ने क्या कहा

शुभमन गिल ने पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन में कहा कि “मैं केवल अपने डॉट-बॉल प्रतिशत को कम करने की कोशिश कर रहा था। मैंने गेंद को समय पर हिट करने की कोशिश की और ज्यादा जोर से हिट करने की नहीं सोच रहा था। यह खिलाड़ियों की बड़ी टीम है और उनके साथ खेलकर अच्छा लग रहा है। जब मैं मैदान पर गया तो कुछ गेंदबाज अच्छी गेंदबाजी कर रहे थे। इससे पार पाना महत्वपूर्ण था। एक बार जब हम जम गए, तो हमें पता था कि हम हमला कर सकते हैं।”

शुभमन गिल ने आगे कहा कि “बल्ला काफी अच्छा था इसलिए मैंने इसे 50 के बाद बदल दिया, मैं इसे सहेजना चाहता था। निश्चित रूप से यह शतक विशेष था। टीम में खेलते हुए बहुत अच्छा लगता है, बहुत सारे अच्छे खिलाड़ी हैं। अच्छा लगता है जब आप एक ही ग्रुप के साथ होते हैं। मेरे पिता मेरे प्राथमिक कोच रहे हैं। दूसरे वनडे में आउट होने के बाद मुझे उनसे सीख मिली, इसलिए मैं यह उन्हें समर्पित करता हूं।”

 

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