BCCI अध्यक्ष बनते ही रोजर बिन्नी ने लिए ताबड़तोड़ फैसले, लगातार चोटिल हो रहे खिलाड़ियों पर लिया एक्शन

भारत के पूर्व ऑलराउंडर रोजर बिन्नी (Roger Binny) भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के नए अध्यक्ष चुने गए हैं, वह बीसीसीआई के 36वें अध्यक्ष हैं और अब सौरव गांगुली की जगह काम करते हुए नजर आएंगे. उनके पास BCCI के अध्यक्ष पद पर बने रहने के लिए 3 साल है ऐसे में वो अपने इस कार्यकाल में ताबड़तोड़ फैसले लेकर BCCI के लिए एक उदाहरण पेश करना चाहेंगे. वहीं रोजर बिन्नी (Roger Binny) ने अध्यक्ष बनने के बाद पहली प्रतीक्रिया दी. जिसमें उन्होंने चोटिल खिलाड़ी और पिच लेकर अपने प्लान का खुलासा किया है.

रोजस बिन्नी ने BCCI का अध्यक्ष के बाद दी पहली प्रतिक्रया

भारतीय क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष पद संभालने के तुरंत बाद रोजर बिन्नी ने मंगलवार को चोटिल खिलाड़ी और घरेलू  क्रिकेट की पिचों को लेकर चिंता जताते हुए बड़ी प्रतिक्रिया दी है.उन्होंने इन मुद्दों पर वायदा करते अपने मुख्य प्लान में शामिल किया है. बीसीसीआई के नए अध्यक्ष (Roger Binny) ने पत्रकारों से कहा,

“हम खिलाड़ियों की चोटों को कम करने के लिए जो कुछ भी कर सकते हैं उसमें सुधार करने का प्रयास करेंगे. खिलाड़ियों का लगातार चोटिल होना चिंता का विषय है और हम इस मामले की तह तक जाएंगे और देखेंगे कि चोटों को कैसे कम किया जा सकता है.”

उन्होंने खिलाड़ियों के चोटिल होने का कारण बताते हुए आगे कहा,

“बेंगलुरु में राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी में हमारे पास बहुत अच्छे चिकित्सक और ट्रेनर हैं लेकिन हमें इस पर गौर करना होगा कैसे खिलाड़ी कम चोटिल हों और जल्दी चोट से कैसे उबरें. भारत ने 2022 में सभी प्रारूपों में कम से कम 40 खिलाड़ी खिलाए और इसका मुख्य कारण खिलाड़ियों का चोटिल होना था.”

खिलाड़ियों को विदेशों में नहीं खेलने में परेशानी

भारतीय पिचों पर खेलने वाले खिलाड़ियों को विदेशी दौरों पर वहां कि पिचों पर काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. यह बात किसी से छिपी नहीं है. क्योंकि विदेशों में देखा जाता है कि वहां कि पिचे काफी तेज होती और अधिक उछाल के चलते है खिलाड़ियों रन बनाने में काफी दिक्कत होती है. जिस बिन्नी का मानना है कि अगर घरेलू में सुधार किया जाए तो भारतीय खिलाड़ियों को इन समस्याओं से दो-चार नहीं होना पड़ेगा. उन्होंने प्रेसवार्ता के दौरान कहा कि,

 “स्वदेश में अधिक जीवंत विकेट बनाने की जरूरत है ताकि जब हमारी टीम ऑस्ट्रेलिया जैसे देश का दौरा करें तो उन्हें किसी तरह की परेशानी ना हो.”

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