राहुल द्रविड़, विराट कोहली और रोहित शर्मा ने सेमीफाइनल से पहले दी बड़ी कुर्बानी, जीत के लिए सबकुछ दांव पर लगा रहे दिग्गज

 

राहुल द्रविड़

राहुल द्रविड़: टी20 वर्ल्ड कप 2022 अब अपने अंतिम चरण पर है. भारतीय टीम ने इस टूर्नामेंट में शुरुआत से शानदार प्रदर्शन करते हुए अब सेमीफाइनल में भी अपनी जगह पक्की कर ली है. इंग्लैंड के खिलाफ 10 नवंबर को एडिलेड में भारतीय टीम सेमीफाइनल मुकाबला खेलने वाली है, जिसके लिए टीम अभी ही एडिलेड पहुंच गई है.

भारतीय टीम ने 6 नवंबर को जिम्बाब्वे के खिलाफ अपना आखिरी टी20 मुकाबला जीत कर सेमीफाइनल में अपनी जगह बनाई है. इन सब के बीच भारतीय टीम के दिग्गज खिलाड़ी रोहित शर्मा और विराट कोहली समेत भारतीय टीम के कोच राहुल द्रविड़ ने भी भारतीय टीम के अन्य खिलाड़ियों के लिए एक बड़ी कुर्बानी दी है.

क्या कुर्बानी दी राहुल द्रविड़, कोहली औप रोहित ने?

भारतीय टीम के कप्तान रोहित शर्मा, विराट कोहली और कोच राहुल द्रविड़ ने टीम के अन्य खिलाड़ियों के लिए एक बड़ी कुर्बानी दी है. टीम को सेमीफाइनल मुकाबले के लिए एडिलेड आना था जहां ट्रैवल के दौरान इन दिग्गज खिलाड़ी विराट कोहली, कप्तान रोहित शर्मा और हेड कोच राहुल द्रविड़ ने अपनी बिजनेस क्लास की सीट को टीम के तेज गेंदबाजों को यानी हार्दिक पांड्या, मोहम्मद शमी, भुवनेश्वर कुमार और अर्शदीप सिंह को दी.

दरअसल तेज गेंदबाजों को थकान ज्यादा होती है और बिजनेस क्लास की सीट आरामदायक होती हैं साथ ही उनमें पैर फैलाने की भी पर्याप्त जगह होती है. जिसके जरिए इन तेज गेंदबाजों को आराम मिलेगा. इसी को देखते हुए इन तीन दिग्गजों ने बिजनेस क्लास की अपनी सीट को इनके लिए कुर्बान करते हुए खुद इकॉनमी क्लास में सफर किया. मीडिया रिपोर्ट्स से मिली इस जानकारी ने इस बात का खुलासा किया.

इंडियन एक्सप्रेस ने इस जानकारी को सब तक पहुंचाया, और उन्हें भी ये जानकारी सपोर्ट स्टाफ के तरह से मिली, तो उस सपोर्ट स्टाफ के हवाले से लिखा,

“टूर्नामेंट से पहले हमने फैसला किया था कि, तेज गेंदबाज मैदान पर ज्यादा दौड़ते हैं, इसलिए उन्हें अपने पैर फैलाने और उन्हें आराम देने की जरूरत है.”

बिजनेस क्लास में टीम के किन सदस्यों को मिलती है जगह?

आपको बता दें की भारतीय टीम के हर खिलाड़ी को ट्रैवल करते समय बिजनेस क्लास सीट नहीं दी जाती है. आईसीसी के नियम के मुताबिक किसी भी टीम को किसी भी एयरप्लेन में केवल 4 बिजनेस क्लास सीट दी जाती है जो अमूमन टीमें अपने कप्तान, उपकप्तान, कोच और मैनेजर को देती है. लेकिन भारतीय टीम को इस टूर्नामेंट में जब ये पता चला की टीम को हर दो या तीन दिन के अंतराल पर सफर करना है तो ऐसे में भारतीय टीम ने इन 4 बिजनेस क्लास की सीटों को अपने तेज गेंदबाजों को देना मुनासिब समझा.

 

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