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विजय हजारे ट्रॉफी के फाइनल में सौराष्ट्र ने महाराष्ट्र को 5 विकेट से हराकर ट्रॉफी जीत ली है। इस मैच में सौराष्ट्र के लिए जीत के हीरो शेल्डन जैक्सन रहे जिन्होंने अंत तक नाबाद रहते हुए धमाकेदार शतकीय पारी खेली। ये शेल्डन की 133 रनों की पारी ही थी जिसने सौराष्ट्र को 14 साल बाद विजय हजारे ट्रॉफी का खिताब जितवाया। शेल्डन को उनकी इस शानदार मैच जिताऊ पारी के लिए मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार भी दिया गया।

सौराष्ट्र को मैच जीतने के लिए 249 रनों का लक्ष्य मिला था जिसे सौराष्ट्र ने 46.3 ओवर में 5 विकेट गवांकर हासिल कर लिया। जैक्सन ने 136 गेंदों में 12 चौकों और 5 छक्कों की मदद से नाबाद 133 रन बनाए। एक समय सौराष्ट्र की टीम फंसी हुई नजर आ रही थी लेकिन एक छोर पर 35 साल के जैक्सन चट्टान की तरह खड़े रहे और अपनी टीम को चैंपियन बनाकर ही माने।

ये वही शेल्डन जैक्सन हैं जिनकी उम्र को लेकर चयनकर्ता उन्हें लगातार दरकिनार करते जा रहे हैं। टीम इंडिया तो दूर की बात है इस 35 वर्षीय खिलाड़ी को इंडिया ए के लिए भी नहीं चुना जा रहा है लेकिन जैक्सन हैं कि लगातार रन बनाते जा रहे हैं और इस शतक के बाद ना सिर्फ वो बल्कि उनके फैंस भी चाह रहे होंगे कि शायद सेलेक्टर्स की आंखें खुलेंगी और वो उन्हें आगे मौका देंगे।

शेल्डन ने इस पारी के साथ ये भी दिखाया है कि वो बड़े मैच के खिलाड़ी हैं क्योंकि जहां पर कोई नहीं खड़ा था वहां पर शेल्डन अपनी टीम को जीत दिलाने के लिए अकेले खड़े रहे। सोशल मीडिया पर भी जैक्सन हीरो बन चुके हैं और सोशल मीडिया यूजर्स इस खिलाड़ी को मौका ना दिए जाने से काफी नाराज हैं और वो बीसीसीआई और चयनकर्ताओं पर भड़ास भी निकाल रहे हैं।