3 बड़े कारण जो विराट कोहली को एक बार फिर सौंप देनी चाहिए भारतीय टीम की कप्तानी

भारतीय टीम के रन मशीन विराट कोहली (Virat kohli) पिछले साल खेले गये टी20 वर्ल्ड कप2022 में मिली हार के टी20 फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ दी थी जिसके बाद उन्हें वनडे और टेस्ट कप्तानी से भी हाथ धोना पड़ा।

उनकी कप्तानी छोड़ने के बाद रोहित शर्मा को टीम की कमान सौंपा गया था, लेकिन टी20 वर्ल्ड कप 2022 में रोहित शर्मा और टीम के प्रदर्शन के बाद एक बार फिर से किंग कोहली (Virat kohli) को कप्तानी वापस देने की मांग उठ रही है। अब कोहली को कप्तानी वापस देने के 3 कारणों को यहां देखेंगे।

कोहली को कप्तानी देने के 3 कारण

कप्तानी का रिकॉर्ड रहा अच्छा

विराट कोहली (Virat kohli) की कप्तानी की बात करें तो उनका रिकॉर्ड काफी अच्छा रहा है। उन्होंने टेस्ट के 68 मुकाबलों में टीम इंडिया की कप्तानी करते हुए घर पर 24 तो विदेशी सरजमीं पर 15 मुकाबले जीतने में कामयाब रहे। वहीं 16 मैचों में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसी के साथ कप्तान के तौर पर उनका जीत प्रतिशत 58.82% है।

वनडे में किंग कोहली (Virat kohli) ने 95 मुकाबलों की कप्तनी करते हुए घरेलू मैदानों पर 24 तो विदेशी मैदानों पर 29 जीत दर्ज की है, वहीं 27 में उन्हें हार का सामना भी करना पड़ा है। न्यूट्रल ग्राउंड में उन्होंने 12 मैचों में जीत दर्ज की है। इसी के साथ कप्तान के तौर पर उनका जीत प्रतिशत 68.42% रहा।

विराट कोहली (Virat kohli) ने 50 टी20 मैचों में भी कप्तानी की है जिसमें उन्हें घरेलू मैदानों में 13 तो विदेशी मैदानों में 14 में जीत दर्ज हुई है बाकि के 16 मुकाबलों में उन्हें हार का सामना करना पड़ा है। न्यूट्रल ग्राउंड में उन्हें 3 मैचों में जीत मिली है। कप्तान के तौर पर कोहली का जीत प्रतिशत 64.58% रहा।

भारत के पास सीनियर कप्तान की कमी

टीम इंडिया के पास सीनियर प्लेयर के तौर पर कई सारे खिलाड़ी मौजूद हैं लेकिन उन सभी में कप्तानी का ज्ञान नहीं है। कप्तानी का अनुभव रकने वाला सीनियर खिलाड़ी फिलहाल टीम में एक ही है और वो विराट कोहली (Virat kohli) ही है। बतौर कप्तान उनका घरेलू और विदेशी सरजमीं पर रिकॉर्ड काफी अच्छा रहा है।

हालांकि टीम इंडिया के पास सीनियर खिलाड़ी के तौर पर भुवनेश्वर कुमार, जसप्रीत बुमराह, हार्दिक पांड्या, मोहम्मद शमी जैसे खिलाड़ी तो मौजूद हैं लेकिन उन सभी में नेशनल टीम की कप्तानी का अनुभव नहीं है। बता दें कि कोहली की कप्तानी में टीम इंडिया घरेलू मैदान पर एक भी मुकाबला नहीं हारी थी। ऑस्ट्रेलिया को टीम इंडिया ने टेस्ट में किंग कोहली (Virat kohli) की ही कप्तानी में हराने में कामयाब हो पायी थी।

अपनी जोश से ला सकते टीम में नयी ऊर्जा

विराट कोहली (Virat kohli) की कप्तानी में टीम इंडिया ने नयी ऊंचाईयों को छूने में कामयाब हो पायी थी। पहली बार टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया को उन्ही की धरती पर टीम इंडिया ने विराट कोहली की ही कप्तानी में हरायी थी। वहीं 50 टी20 में से कोहली की कप्तानी में टीम इंडिया ने 30 मुकाबले जीती थी।

वनडे में  विराट कोहली (Virat kohli) की कप्तानी में भारतीय क्रिकेट टीम ने 2019 के वनडे वर्ल्ड कप में सेमीपाइनल तक पहुंचने में कामयाब हुई थी जहां उन्हें न्यूजीलैंड से हार का सामना करना पड़ा और टीम का तीसरी बार वर्ल्ड कप जीतने के सपने पर पानी फिर गया था। भले ही कप्तान के तौर पर कोहली के नाम एक भी इंटरनेशनल ट्रॉफी दर्ज न हो लेकिन इसके बावजूद वो भारतीय क्रिकेट टीम के सफल कप्तानों में से एक माने जाते हैं।

Related posts