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आधी रात बीमार पिता को लेकर डॉक्टरो के पास भागे थे विराट कोहली, मदद न मिलने पर हुई थी पिता की मौत, बेहद दर्दनाक है विराट से किंग बनने की कहानी

By admin

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क्रिकेट के मैदान में रन मशीन के नाम से मशहूर विराट कोहली आज किसी भी पहचान के मोहताज नहीं हैं। उन्होंने मैदान में न सिर्फ सर्वश्रेठ प्रदर्शन दिया हैं। बल्कि अपने बेहतरीन खेल के दम पर क्रिकेट की दुनिया में नए आयाम दिए हैं। विराट कोहली आज 5 नवंबर को अपना 34 वां जन्मदिन मना रहे हैं।

आज उनके जन्मदिन के खास मौके पर आपको बताते हैं उनके और उनके पिता से जुड़ी कुछ खास अनसुनी बातों के बारें में जो बेहद कम लोग जानते हैं।

पिता की मृत्यु के तुरंत बाद मैच खेलने चले गए थे कोहली

एक इंटरव्यू के दौरान कोहली ने अपने पिता के बारे में खुलकर बातचीत की। उन्होंने बताया कि –

“मैं रणजी ट्रॉफी खेल रहा था और उस दौरान मेरे पिता का निधन हुआ मुझे अगले दिन मैच खेलना था। मैंने बहुत नजदीक से अपने पिता को आखिरी सांस में लेते हुए देखा। उनकी हालत बहुत ज्यादा खराब थी। हम आसपास के डॉक्टरों के पास गए। लेकिन रात बहुत ज्यादा हो चुकी थी पर किसी ने भी दरवाजा नहीं खोला। जिसके बाद हम हॉस्पिटल पहुंचे तब तक डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था। घर के सब लोग रो रहे थे। लेकिन मेरी आखं से एक भी आंसू नहीं निकला।”

दिल्ली के उत्तम नगर में हुई है परवरिश

विराट कोहली दिल्ली के उत्तम नगर के रहने वाले हैं उनका जन्म 5 नवंबर 1988 को नई दिल्ली के एक पंजाबी परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम प्रेम कोहली था और उनकी मां का नाम सरोज कोहली है।

विराट के 1 बड़े भाई और बहन भी हैं, जिनका नाम विशाल और भावना कोहली है। विराट ने 9 साल की उम्र से ही वेस्ट दिल्ली क्रिकेट अकादमी जाना शुरू कर दिया था और उस दौरान कोहली पहले बैच का हिस्सा हुआ करते थे।

उन्होंने कोच राजकुमार शर्मा से ट्रेनिंग ली थी। इसके साथ ही उन्होंने वसुंधरा एंक्लेव में सुमित डोगरा अकादमी में भी मैच खेलना शुरू कर दिया था।

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2002 से शुरू हुआ क्रिकेट का सफर

विराट कोहली ने 2002 में दिल्ली अंडर 15 के लिए अपना पहला मैच पोली उमरीगर ट्रॉफी के लिए खेला था। कोहली को साल 2003-04 के सीजन में कप्तान भी बनाया गया था, जिसके बाद साल 2004 में कोहली दिल्ली के अंदर 17 टीम में विजय मर्चेंट ट्रॉफी के लिए चुने गए थे।

कोहली ने अंडर 17 साल 2004 साल 2005 का विजय मर्चेंट ट्रॉफी के सीजन अपने नाम किया। विराट ने 7 मैचों में 757 रन बनाए थे और वह सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बने थे। उनके बल्ले से इस दौरान दो शतक देखने को मिले थे।

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