धनतेरस और दिवाली से पहले सोने-चांदी की कीमतों पर सभी की नज़र है। 17 अक्टूबर 2026 को घरेलू बाज़ार में सोने और चांदी के भावों में उतार-चढ़ाव देखा गया। अंतरराष्ट्रीय बाज़ार के रुझानों और डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति का असर घरेलू कीमतों पर साफ दिख रहा है।
आज के भाव: एक नज़र में
इंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार आज के औसत भाव इस प्रकार रहे:

- 24 कैरेट सोना (10 ग्राम): त्योहारी मांग के चलते कीमतों में मज़बूती देखी गई।
- 22 कैरेट सोना (10 ग्राम): आभूषण खरीदारों के लिए मानक दर में भी उतार-चढ़ाव।
- चांदी (1 किलोग्राम): औद्योगिक मांग और निवेश रुझानों के बीच कीमतों में हलचल।
नोट: सोने-चांदी के भाव शहर और ज्वेलर के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं। खरीदारी से पहले अपने शहर के ताज़ा रेट ज़रूर जांच लें।
कीमतों को प्रभावित करने वाले कारक
- अंतरराष्ट्रीय बाज़ार: वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता में सोना सुरक्षित निवेश माना जाता है, जिससे कीमतें बढ़ती हैं।
- डॉलर-रुपया: डॉलर के मुकाबले रुपया कमज़ोर होने पर आयातित सोना महंगा होता है।
- त्योहारी मांग: धनतेरस-दिवाली से पहले आभूषणों की मांग बढ़ने से कीमतों को सहारा मिलता है।
- केंद्रीय बैंकों की खरीद: दुनिया भर के केंद्रीय बैंक सोने का भंडार बढ़ा रहे हैं।
निवेशकों के लिए सुझाव
विशेषज्ञों का कहना है कि सोने में निवेश लंबी अवधि के लिए फायदेमंद रहता है। भौतिक सोने के अलावा सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड और गोल्ड ETF जैसे विकल्प भी उपलब्ध हैं, जिनमें भंडारण की चिंता नहीं होती। चांदी में निवेश से पहले बाज़ार की अस्थिरता को समझना जरूरी है, क्योंकि चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव सोने से ज्यादा होता है।
खरीदारी के टिप्स
- हमेशा BIS हॉलमार्क वाला सोना खरीदें।
- बिल ज़रूर लें — इसमें कैरेट, वज़न और मेकिंग चार्ज साफ लिखे हों।
- मेकिंग चार्ज अलग-अलग ज्वेलर पर अलग होता है — तुलना करके खरीदें।
- पुराना सोना बेचते/बदलते समय बायबैक नीति पहले जान लें।
सोना भारतीय परिवारों के लिए सिर्फ आभूषण नहीं, बल्कि आर्थिक सुरक्षा का प्रतीक है। समझदारी से खरीदारी करें और ताज़ा भावों पर नज़र रखें।