2026 में दिवाली नवंबर में, लक्ष्मी पूजा 8 नवंबर रविवार को — जानें पूरा कैलेंडर
दिवाली 2026 की तारीखों को लेकर कई लोगों में भ्रम है। बता दें कि 2026 में दिवाली 8 नवंबर, रविवार को मनाई जाएगी। इस दिन लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त भी रहेगा। 2026 अधिक मास वाला वर्ष है, इसलिए दिवाली अक्टूबर की बजाय नवंबर में आ रही है।
पंचांग के अनुसार धनतेरस 6 नवंबर, शुक्रवार को है। इस दिन सोना-चांदी और बर्तन खरीदना शुभ माना जाता है। छोटी दिवाली या नरक चतुर्दशी 7 नवंबर, शनिवार को मनाई जाएगी।
पूरा दिवाली कैलेंडर 2026
गोवर्धन पूजा 9 नवंबर, सोमवार को है। हालांकि कुछ पंचांगों के अनुसार भारत में यह 10 नवंबर को भी मनाई जा सकती है। भाई दूज 10 या 11 नवंबर को है। यह त्योहार भाई-बहन के प्यार का प्रतीक है।
दिवाली हिंदू धर्म का सबसे बड़ा त्योहार है। पांच दिनों तक चलने वाले इस पर्व में घरों की सफाई, सजावट, पूजा और मिठाइयों का दौर चलता है।
तैयारियां शुरू करें
दिवाली में अभी करीब एक महीना बाकी है, इसलिए तैयारियों का यह सही समय है। घर की सफाई, रंग-रोगन, नए कपड़ों और गिफ्ट्स की खरीदारी की योजना बनाएं। ऑनलाइन शॉपिंग में भी दिवाली सेल का फायदा उठाया जा सकता है।
पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ने से अब इको-फ्रेंडली दिवाली का चलन बढ़ रहा है। मिट्टी के दीये और प्राकृतिक सजावट से त्योहार और भी खास बनता है।
लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त
8 नवंबर को लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त शाम को रहेगा। पंचांग के अनुसार प्रदोष काल में पूजा करना सबसे शुभ माना जाता है। इस दिन मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा होती है।
व्यापारी वर्ग के लिए यह दिन विशेष महत्व रखता है। नए बही-खाते शुरू किए जाते हैं। दुकानों और कार्यालयों में भी पूजा होती है।
धनतेरस की तैयारियां
6 नवंबर को धनतेरस है। इस दिन सोना, चांदी, बर्तन और इलेक्ट्रॉनिक्स खरीदना शुभ माना जाता है। बाजारों में भारी भीड़ उमड़ती है। ऑनलाइन शॉपिंग में भी धनतेरस सेल का क्रेज रहता है।
आयुर्वेद के अनुसार इस दिन भगवान धन्वंतरि की पूजा होती है, जो स्वास्थ्य के देवता हैं।
पर्यावरण अनुकूल दिवाली
बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए अब ग्रीन दिवाली का चलन बढ़ रहा है। पटाखों की जगह दीयों और लाइटों से सजावट की जा रही है। कई राज्यों में पटाखों पर प्रतिबंध भी है।
मिट्टी के दीये न सिर्फ पर्यावरण के लिए अच्छे हैं, बल्कि कुम्हारों की आजीविका भी चलती है। इस दिवाली स्थानीय उत्पाद खरीदकर वोकल फॉर लोकल को बढ़ावा दें।
गिफ्टिंग के ट्रेंड
दिवाली पर गिफ्ट देने का चलन है। इस बार पर्सनलाइज्ड गिफ्ट्स, हेल्थ हैम्पर्स और इको-फ्रेंडली उपहारों की मांग बढ़ रही है। कॉर्पोरेट गिफ्टिंग में भी नए ट्रेंड दिख रहे हैं।
त्योहार का असली मजा अपनों के साथ है। इस दिवाली परिवार के साथ समय बिताएं और खुशियां बांटें।
क्षेत्रीय विविधता
भारत के विभिन्न राज्यों में दिवाली अलग-अलग तरीकों से मनाई जाती है। उत्तर भारत में राम की अयोध्या वापसी, दक्षिण में नरकासुर वध की कथा जुड़ी है। यह विविधता में एकता का प्रतीक है।
आर्थिक महत्व
दिवाली भारत का सबसे बड़ा शॉपिंग सीजन है। ऑटो, इलेक्ट्रॉनिक्स, ज्वेलरी — सभी क्षेत्रों में बिक्री बढ़ती है। अर्थव्यवस्था को गति मिलती है।