अक्टूबर 2026 में दिल्ली-NCR की हवा एक बार फिर ज़हरीली हो गई है। पराली जलाने, वाहनों के धुएं और निर्माण धूल के मिले-जुले असर से राष्ट्रीय राजधानी का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) कई इलाकों में ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंच गया है। हर साल की तरह इस बार भी सर्दियों की शुरुआत के साथ प्रदूषण ने दिल्लीवालों की सेहत पर खतरा बढ़ा दिया है।
वर्तमान स्थिति: AQI कितना खतरनाक
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार दिल्ली के कई निगरानी केंद्रों पर AQI 400 के पार दर्ज किया गया है, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है। आनंद विहार, जहांगीरपुरी और वज़ीरपुर जैसे इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि हवा की गति कम होने और तापमान में गिरावट के कारण प्रदूषक तत्व ज़मीन के पास ही फंसे रह रहे हैं।

प्रदूषण के मुख्य कारण
- पराली जलाना: पंजाब और हरियाणा में धान की पराली जलाने से उठने वाला धुआं हवाओं के साथ दिल्ली पहुंचता है। यह अक्टूबर-नवंबर में प्रदूषण का सबसे बड़ा स्रोत है।
- वाहन उत्सर्जन: दिल्ली-NCR में करोड़ों वाहन रोज़ सड़कों पर उतरते हैं, जिनसे निकलने वाले धुएं में PM2.5 और नाइट्रोजन ऑक्साइड शामिल हैं।
- निर्माण धूल: जगह-जगह चल रहे निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल भी हवा को खराब करती है।
- मौसमी कारण: सर्दियों में हवा की गति धीमी और तापमान कम होने से प्रदूषक फैल नहीं पाते।
सेहत पर असर
वायु प्रदूषण से आंखों में जलन, गले में खराश, सांस लेने में तकलीफ और अस्थमा जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं। बच्चे, बुज़ुर्ग और पहले से बीमार लोग सबसे ज्यादा खतरे में हैं। डॉक्टरों की सलाह है कि AQI गंभीर स्तर पर होने पर सुबह की सैर से बचें और बाहर निकलते समय N95 मास्क पहनें।
सरकारी कदम: GRAP लागू
प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए Graded Response Action Plan (GRAP) के नियम लागू कर दिए गए हैं। इसके तहत निर्माण कार्यों पर रोक, डीजल जनरेटरों के इस्तेमाल पर पाबंदी और सड़कों पर पानी का छिड़काव जैसे कदम उठाए जा रहे हैं। दिल्ली सरकार ने सम-विषम (Odd-Even) योजना पर भी विचार शुरू कर दिया है।
बचाव के उपाय: आप क्या कर सकते हैं
- बाहर निकलते समय N95 या N99 मास्क पहनें।
- घर में एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें।
- सुबह के समय जब प्रदूषण सबसे ज्यादा होता है, बाहरी गतिविधियां कम करें।
- निजी वाहन की जगह सार्वजनिक परिवहन या कारपूलिंग अपनाएं।
- कूड़ा या पत्तियां न जलाएं।
दिल्ली का प्रदूषण सिर्फ सरकार की नहीं, हम सबकी ज़िम्मेदारी है। छोटे-छोटे कदम — जैसे सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल और कचरा न जलाना — भी बड़ा बदलाव ला सकते हैं। साफ हवा हर नागरिक का अधिकार है, और इसे बचाने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी है।