CTET Result 2026: स्कोरकार्ड कैसे डाउनलोड करें, क्वालिफाइंग मार्क्स और आगे की प्रक्रिया

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी CTET Result 2026 घोषित कर दिया है। फरवरी 2026 में आयोजित इस परीक्षा में शामिल हुए लाखों अभ्यर्थी अब आधिकारिक वेबसाइट ctet.nic.in पर अपना स्कोरकार्ड देख और डाउनलोड कर सकते हैं। स्कोरकार्ड देखने के लिए रोल नंबर और जन्म तिथि की आवश्यकता होगी।

CTET देश की सबसे बड़ी शिक्षक पात्रता परीक्षाओं में से एक है। इस परीक्षा को उत्तीर्ण करने वाले अभ्यर्थी केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय और केंद्र सरकार के अधीन अन्य स्कूलों में शिक्षक पदों के लिए आवेदन करने के पात्र हो जाते हैं। कई राज्य सरकारें भी अपनी शिक्षक भर्तियों में CTET स्कोर को मान्यता देती हैं।

CTET Result 2026

CTET Result 2026: परीक्षा और परिणाम का पूरा ब्योरा

CTET 2026 की परीक्षा 7 और 8 फरवरी 2026 को देशभर के विभिन्न केंद्रों पर आयोजित की गई थी। परीक्षा दो पेपर्स में हुई — पेपर-1 उन अभ्यर्थियों के लिए था जो कक्षा 1 से 5 तक पढ़ाना चाहते हैं, और पेपर-2 कक्षा 6 से 8 तक के इच्छुक अभ्यर्थियों के लिए था। कुछ केंद्रों पर तकनीकी कारणों से प्रभावित अभ्यर्थियों के लिए 1 मार्च 2026 को पुनः परीक्षा भी आयोजित की गई थी।

बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार इस बार परीक्षा के लिए 26,49,129 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया था, जिनमें से 23,24,625 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। इनमें से कुल 5,97,061 अभ्यर्थी पात्रता परीक्षा में सफल रहे, यानी कुल सफलता दर 25.68 प्रतिशत रही।

पेपर-वार प्रदर्शन: आंकड़े क्या कहते हैं

पेपर-1 (कक्षा 1 से 5) के लिए 12,11,611 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया था, जिनमें से 10,65,410 परीक्षा में बैठे और 3,58,937 सफल हुए। इस तरह पेपर-1 की सफलता दर 33.69 प्रतिशत रही। वहीं पेपर-2 (कक्षा 6 से 8) में 21,56,459 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 18,67,428 शामिल हुए और 3,46,738 उत्तीर्ण हुए, यानी सफलता दर 18.56 प्रतिशत रही।

ये आंकड़े बताते हैं कि पेपर-2 अपेक्षाकृत कठिन रहा, जिसमें सफलता दर पेपर-1 से काफी कम रही। शिक्षक बनने की चाह रखने वाले अभ्यर्थियों के लिए यह रुझान तैयारी की रणनीति बनाने में मददगार हो सकता है।

CTET रिजल्ट कैसे चेक करें: स्टेप-बाय-स्टेप

स्कोरकार्ड डाउनलोड करने के लिए नीचे दिए गए चरणों का पालन करें:

  • स्टेप 1: आधिकारिक वेबसाइट ctet.nic.in खोलें।
  • स्टेप 2: होमपेज पर “CTET Result 2026” या “Scorecard” लिंक पर क्लिक करें।
  • स्टेप 3: अपना रोल नंबर दर्ज करें।
  • स्टेप 4: जन्म तिथि (DD/MM/YYYY फॉर्मेट में) भरें।
  • स्टेप 5: सबमिट करते ही स्कोरकार्ड स्क्रीन पर दिखाई देगा।
  • स्टेप 6: इसे डाउनलोड करें और प्रिंट निकालकर सुरक्षित रखें।

उत्तर कुंजी प्रक्रिया: परिणाम से पहले क्या हुआ

परिणाम घोषित करने से पहले CBSE ने 12 मार्च 2026 को स्कैन की गई OMR उत्तर पुस्तिकाएं और प्रोविजनल उत्तर कुंजी वेबसाइट पर अपलोड की थी। अभ्यर्थियों को 15 मार्च 2026 तक प्रति प्रश्न 1,000 रुपये शुल्क देकर आपत्ति दर्ज कराने का अवसर दिया गया था। विषय विशेषज्ञों ने सभी आपत्तियों की समीक्षा की और उसके आधार पर अंतिम उत्तर कुंजी तैयार की गई। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि परिणाम की गणना इसी अंतिम उत्तर कुंजी के आधार पर की गई है और अब अंकों में कोई बदलाव नहीं होगा।

क्वालिफाइंग अंक: कितने नंबर जरूरी

CTET में सफल होने के लिए सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को 150 में से कम से कम 90 अंक (60 प्रतिशत) लाने होते हैं। आरक्षित वर्गों (SC/ST/OBC/PwD) के लिए यह सीमा 82 अंक (55 प्रतिशत) निर्धारित है। ध्यान रहे कि CTET केवल पात्रता परीक्षा है — इसमें प्राप्त अंक मेरिट नहीं बनाते, बल्कि यह प्रमाणपत्र शिक्षक भर्ती के लिए आवेदन की योग्यता देता है।

स्कोरकार्ड में अभ्यर्थी का नाम, रोल नंबर, जन्म तिथि, श्रेणी, पेपर का विवरण, प्रत्येक खंड के अंक, कुल अंक और क्वालिफाइंग स्थिति दर्ज होती है। स्कोरकार्ड डाउनलोड करने के बाद सभी जानकारियां ध्यान से जांच लें। किसी विसंगति की स्थिति में तुरंत CBSE से संपर्क करें।

प्रमाणपत्र और आगे की राह

सफल अभ्यर्थियों को डिजिटल पात्रता प्रमाणपत्र और मार्कशीट DigiLocker के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी, जिसे वे कभी भी डाउनलोड कर सकते हैं। CTET प्रमाणपत्र अब आजीवन वैध है, इसलिए एक बार उत्तीर्ण होने के बाद अभ्यर्थी भविष्य की किसी भी शिक्षक भर्ती में इसका उपयोग कर सकते हैं।

आगे की राह में सफल अभ्यर्थी केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS), नवोदय विद्यालय समिति (NVS) और अन्य संस्थानों की शिक्षक भर्तियों के लिए आवेदन कर सकते हैं। जो अभ्यर्थी इस बार सफल नहीं हो सके, वे निराश न हों — CTET वर्ष में दो बार आयोजित होती है, इसलिए अगले सत्र की तैयारी अभी से शुरू की जा सकती है। कमजोर खंडों पर विशेष ध्यान और पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों का अभ्यास सफलता की कुंजी है।

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