देश की तीनों बड़ी टेलीकॉम कंपनियों — Reliance Jio, Bharti Airtel और Vodafone Idea — ने हाल ही में टेलीकॉम साइबर सिक्योरिटी उपायों को बढ़ा दिया है। यह कदम CERT-In और दूरसंचार विभाग की एडवाइजरी के बाद उठाया गया है, जिसमें DDoS और फिशिंग अटैकों में संभावित वृद्धि की चेतावनी दी गई थी।
CERT-In की एडवाइजरी क्या कहती है?
सरकारी साइबर सुरक्षा एजेंसी CERT-In ने हाल ही में टेलीकॉम कंपनियों को सतर्क रहने की सलाह दी है। एक साइबर थ्रेट इंटेलिजेंस फर्म की रिपोर्ट के अनुसार, हैकर ग्रुप्स Jio, Airtel और BSNL जैसे ऑपरेटर्स को निशाना बना रहे हैं। Airtel की सिक्योरिटी टीम ने अपने एंटरप्राइज ग्राहकों को पहले ही एडवाइजरी जारी कर दी है और अपने सिक्योरिटी ऑपरेशन सेंटर (SOC) को अगले 5-7 दिनों के लिए उच्च खतरे की स्थिति में रखा है।
Jio और Airtel ने क्या कदम उठाए?
Jio के अध्यक्ष यू.के. श्रीवास्तव के अनुसार, कंपनी ने अगस्त से कई कदम उठाए हैं — लाखों संदिग्ध नंबर ब्लॉक किए गए हैं, नॉन-व्हाइटलिस्टेड मैसेज ब्लॉक किए जा रहे हैं, और DoT के पोर्टल्स के साथ मिलकर काम किया जा रहा है। वहीं Airtel ने अपने नेटवर्क में AI-बेस्ड सॉल्यूशन एकीकृत किया है जो संदिग्ध स्पैम कॉल और टेक्स्ट के बारे में ग्राहकों को रियल-टाइम में अलर्ट करता है।
TRAI का Voice+SMS-Only प्लान आदेश
इसी बीच TRAI ने तीनों टेलीकॉम कंपनियों को आदेश दिया है कि वे हर वैलिडिटी पीरियड के लिए वॉयस और SMS-ओनली प्लान लॉन्च करें। 21 अक्टूबर की डेडलाइन तक यह लागू होना है। यह फीचर फोन यूजर्स, वरिष्ठ नागरिकों और दूसरे SIM इस्तेमाल करने वालों के लिए बड़ी राहत होगी, जिन्हें डेटा के लिए पैसे देने पड़ते थे जबकि वे डेटा इस्तेमाल ही नहीं करते।
साइबर फ्रॉड से कैसे बचें?
1. अनजान लिंक वाले SMS या WhatsApp मैसेज पर क्लिक न करें। 2. बैंक कभी OTP या पासवर्ड नहीं मांगता — ऐसी कॉल आने पर तुरंत काट दें। 3. अपने फोन और ऐप्स को हमेशा अपडेट रखें। 4. 1909 पर स्पैम शिकायत दर्ज कराएं। 5. दो-कारक प्रमाणीकरण (2FA) हमेशा चालू रखें।
निष्कर्ष
टेलीकॉम कंपनियां नेटवर्क स्तर पर सुरक्षा बढ़ा रही हैं, लेकिन असली सुरक्षा यूजर्स की जागरूकता से ही आएगी। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें।
किस तरह के अटैक की आशंका?
एडवाइजरी में DDoS (डिस्ट्रिब्यूटेड डिनायल ऑफ सर्विस), मैलवेयर अटैक, वेबसाइट डिफेसमेंट और फिशिंग अटैकों का जिक्र है। DDoS अटैक में सर्वर पर इतना ट्रैफिक भेजा जाता है कि वह ठप हो जाए, जबकि फिशिंग में नकली मैसेज और लिंक के जरिए यूजर्स की निजी जानकारी चुराई जाती है। घर से काम करने वाले कर्मचारियों पर फिशिंग का खतरा सबसे ज्यादा होता है।
स्पैम कॉल-फ्रॉड के खिलाफ सरकार की मुहिम
DoT और TRAI ने टेलीकॉम कंपनियों को सिस्टम सुरक्षित बनाने के निर्देश दिए हैं। Jio ने अगस्त से अब तक लाखों संदिग्ध नंबर ब्लॉक किए हैं और नॉन-व्हाइटलिस्टेड मैसेज ब्लॉक करना शुरू किया है। एंटरप्राइज SMS में OTT लिंक, URL और APK वाले मैसेज अब व्हाइटलिस्ट सिस्टम से गुजरते हैं। इन कदमों से स्पैम शिकायतों में कमी आने की उम्मीद है।
SIM स्वैप फ्रॉड से सावधान
SIM स्वैप फ्रॉड में अपराधी आपकी पहचान चुराकर नया SIM जारी करा लेते हैं और फिर बैंक OTP हासिल कर लेते हैं। इससे बचने के लिए अपना SIM PIN सेट करें, अनजान कॉल पर व्यक्तिगत जानकारी न दें, और बैंक से जुड़े अलर्ट पर तुरंत ध्यान दें।
डिजिटल सुरक्षा की 7 आदतें
1. मजबूत और अलग-अलग पासवर्ड इस्तेमाल करें। 2. हर महत्वपूर्ण अकाउंट पर 2FA चालू रखें। 3. सार्वजनिक Wi-Fi पर बैंकिंग न करें। 4. ऐप्स केवल आधिकारिक स्टोर से डाउनलोड करें। 5. संदिग्ध लिंक पर कभी क्लिक न करें। 6. फोन का सॉफ्टवेयर अपडेट रखें। 7. 1909 पर स्पैम की शिकायत दर्ज कराएं।
सरकारी हेल्पलाइन और रिपोर्टिंग
साइबर फ्रॉड होने पर तुरंत 1930 (राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन) पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं। स्पैम कॉल और SMS की शिकायत 1909 पर की जा सकती है। TRAI के DND (Do Not Disturb) नियमों के तहत 1909 पर SMS भेजकर टेलीमार्केटिंग कॉल्स बंद कराए जा सकते हैं। समय पर रिपोर्टिंग से पैसे वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
व्हाइटलिस्ट सिस्टम कैसे काम करता है?
टेलीकॉम कंपनियों ने एंटरप्राइज SMS के लिए व्हाइटलिस्ट सिस्टम लागू किया है। अब बैंकों और कंपनियों के प्रमोशनल मैसेज में आने वाले OTT लिंक, URL और APK फाइलें पहले से रजिस्टर्ड टेम्पलेट से मैच होनी चाहिए। यह सिस्टम नकली बैंक मैसेज के जरिए होने वाले फ्रॉड पर लगाम लगाएगा। हालांकि, पूरी तरह सुरक्षित रहने के लिए यूजर्स को भी सतर्क रहना होगा।