CoreWeave AI डेटा सेंटर: नवी मुंबई में 240MW कैंपस

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी CoreWeave ने 8 अक्टूबर 2026 को CoreWeave AI डेटा सेंटर के साथ भारत में अपने प्रवेश की घोषणा की है। कंपनी ने AdaniConneX के साथ साझेदारी में नवी मुंबई के तलोजा डेटा सेंटर कैंपस में 240 मेगावाट (MW) क्षमता वाला AI डेटा सेंटर कैंपस विकसित करने की योजना बनाई है।

240MW का विशाल AI कैंपस

इस विस्तार के तहत CoreWeave तलोजा कैंपस में तीन इमारतों पर कब्जा करेगी, जिनमें से प्रत्येक की क्षमता 80MW होगी। कंपनी ने यह भी कहा है कि भविष्य में अतिरिक्त 240MW क्षमता जोड़ी जा सकती है, जिससे कुल क्षमता दोगुनी हो जाएगी। CoreWeave इन तीनों इमारतों में एकमात्र किरायेदार होगी।

NVIDIA Vera Rubin प्लेटफॉर्म से लैस

कैंपस में NVIDIA Vera Rubin Platform तैनात किया जाएगा, जो अगली पीढ़ी की AI कंप्यूटिंग क्षमताओं को भारतीय ग्राहकों तक पहुंचाएगा। यह इंफ्रास्ट्रक्चर AI मॉडल ट्रेनिंग, इंफरेंस, एडवांस्ड रीजनिंग, एजेंटिक AI और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग जैसे मांग वाले वर्कलोड को सपोर्ट करेगा।

भारत के लिए क्यों है महत्वपूर्ण?

भारत दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते AI और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर बाजारों में से एक है। Zoho के संस्थापक श्रीधर वेंबू ने हाल ही में कहा था कि AI टोकन लागत में तेजी से गिरावट भारत के लिए सकारात्मक है। CoreWeave का यह निवेश भारत की AI इंफ्रास्ट्रक्चर क्षमता को बड़े पैमाने पर बढ़ाएगा और देश में AI स्टार्टअप्स और एंटरप्राइजेज को सस्ती, शक्तिशाली कंप्यूटिंग मुहैया कराएगा।

कब से चालू होगा पहला फेज?

परियोजना का पहला चरण 2028 के मध्य तक चालू होने की उम्मीद है, और अतिरिक्त क्षमता चरणबद्ध तरीके से जोड़ी जाएगी। सुविधाओं को हाई-डेंसिटी AI इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए विशेष रूप से डिजाइन किया जा रहा है, जिसमें GPU डेटा हॉल्स के लिए डायरेक्ट लिक्विड कूलिंग और नॉन-एवापोरेटिव चिल्ड-वॉटर सिस्टम शामिल होंगे।

निष्कर्ष

CoreWeave का भारत में आना देश के AI इकोसिस्टम के लिए एक बड़ा मील का पत्थर है। AdaniConneX के साथ मिलकर यह साझेदारी भारत को वैश्विक AI इंफ्रास्ट्रक्चर मैप पर और मजबूत स्थिति में लाएगी।

भारत का AI इंफ्रास्ट्रक्चर बूम

CoreWeave का निवेश ऐसे समय में आया है जब भारत AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी दांव लगा रहा है। केंद्र सरकार का IndiaAI Mission ₹10,371 करोड़ के बजट के साथ चल रहा है, और हाल ही में India AI Impact Summit में 20,000 अतिरिक्त GPU जोड़ने की घोषणा हुई है। इसी हफ्ते Anthropic ने भी भारत में Amazon Bedrock के माध्यम से Claude मॉडल्स का इन-कंट्री इंफरेंस शुरू किया है, जिससे बैंकिंग और सरकारी क्षेत्र के डेटा-रेजीडेंसी नियमों का पालन आसान होगा।

टोकन लागत में गिरावट: भारत के लिए अवसर

Zoho के सह-संस्थापक श्रीधर वेंबू ने हाल ही में कहा कि AI टोकन लागत में तेजी से गिरावट भारत के लिए सकारात्मक है, क्योंकि इससे AI तकनीक सस्ती हो रही है। सस्ती कंप्यूटिंग और गिरती टोकन लागत का मतलब है कि भारतीय स्टार्टअप्स और कंपनियां अब कम खर्च में शक्तिशाली AI एप्लिकेशन बना सकती हैं — और CoreWeave का डेटा सेंटर इसी दिशा में बड़ा कदम है।

लिक्विड कूलिंग: नई पीढ़ी की तकनीक

AI डेटा सेंटर्स में हजारों GPU एक साथ चलते हैं, जिससे भारी गर्मी पैदा होती है। CoreWeave के कैंपस में GPU हॉल्स के लिए डायरेक्ट लिक्विड कूलिंग का इस्तेमाल होगा, जो पारंपरिक एयर कूलिंग से कहीं ज्यादा कुशल है। नॉन-एवापोरेटिव चिल्ड-वॉटर सिस्टम पानी की खपत भी कम करेगा — पर्यावरण के लिहाज से यह एक महत्वपूर्ण डिजाइन है।

रोजगार और अर्थव्यवस्था पर असर

इस प्रोजेक्ट से निर्माण, ऑपरेशंस, नेटवर्क इंजीनियरिंग और AI सर्विसेज में हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होंगे। नवी मुंबई पहले से ही भारत का डेटा सेंटर हब बन रहा है, और CoreWeave के आने से यह स्थिति और मजबूत होगी।

वैश्विक AI कंपनियों की भारत में दौड़

CoreWeave अकेली नहीं है — Microsoft, Google, Amazon और अब Anthropic जैसी कंपनियां भी भारत में अपनी AI इंफ्रास्ट्रक्चर उपस्थिति बढ़ा रही हैं। भारत का डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (UPI, DigiLocker, ONDC) पहले ही दुनिया में मिसाल बन चुका है। अब AI कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश भारत को AI युग में भी अग्रणी बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। नवी मुंबई में तलोजा कैंपस इस दौड़ का नया केंद्र बनने जा रहा है।

एजेंटिक AI का युग

CoreWeave के बयान में एजेंटिक AI का विशेष उल्लेख है — यानी ऐसे AI सिस्टम जो स्वतंत्र रूप से मल्टी-स्टेप कार्य पूरे कर सकें। Google ने हाल ही में भारत में Gemini के ऑटो-ब्राउज फीचर को रोल आउट किया है, जो Chrome में बुकिंग और फॉर्म जैसे कार्य यूजर की निगरानी में पूरे करता है। ऐसे एजेंटिक वर्कलोड के लिए भारी कंप्यूटिंग चाहिए, और नवी मुंबई का यह कैंपस उसी मांग को पूरा करेगा।

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