IPL 2023 Final: बारिश, रिजर्व डे और DLS ड्रामा — आधी रात के बाद खत्म हुआ था खिताबी मुकाबला

IPL के इतिहास में कई फाइनल यादगार रहे हैं, लेकिन IPL 2023 Final जैसा ड्रामा शायद ही कभी देखने को मिला हो। बारिश, रिजर्व डे, DLS नियम और आधी रात के बाद खत्म हुआ मुकाबला, इस फाइनल में सब कुछ था। चेन्नई सुपर किंग्स और गुजरात टाइटंस के बीच अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला गया यह मुकाबला तकनीकी रूप से दो दिनों तक चला। आइए फिर से जीते हैं उस ऐतिहासिक रात की पूरी कहानी।

पहला दिन: जब बारिश ने धो दिया फाइनल

28 मई 2023 को फाइनल खेला जाना था। स्टेडियम में लाखों दर्शक मौजूद थे और करोड़ों लोग टीवी से चिपके थे। लेकिन प्रकृति को कुछ और ही मंजूर था। अहमदाबाद में भारी बारिश के कारण टॉस तक नहीं हो सका और लगातार बारिश के चलते पहले दिन का खेल पूरी तरह धुल गया। IPL के नियमों के अनुसार फाइनल के लिए रिजर्व डे रखा गया था, इसलिए मैच को अगले दिन यानी 29 मई को खेलने का फैसला किया गया। दर्शकों की मायूसी के बीच एक उम्मीद बनी रही कि अगले दिन मुकाबला जरूर होगा।

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रिजर्व डे: गुजरात की धमाकेदार बल्लेबाजी

29 मई को मौसम साफ था और आखिरकार टॉस हुआ। चेन्नई ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया। गुजरात टाइटंस की बल्लेबाजी शानदार रही। साई सुदर्शन ने 96 रनों की बेहतरीन पारी खेली, जबकि रिद्धिमान साहा ने 54 और शुभमन गिल ने 39 रनों का योगदान दिया। गुजरात ने 20 ओवरों में 214 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। चेन्नई के सामने 215 रनों का लक्ष्य था, जो किसी भी फाइनल में आसान नहीं होता।

फिर आई बारिश: DLS ने बदला समीकरण

चेन्नई की पारी शुरू हुई ही थी कि बारिश ने फिर खलल डाल दी। मैदान गीला होने के कारण खेल काफी देर तक रुका रहा। जब दोबारा खेल शुरू हुआ तो DLS नियम के तहत चेन्नई को 15 ओवरों में 171 रनों का संशोधित लक्ष्य मिला। यानी अब चेन्नई को 90 गेंदों पर 171 रन बनाने थे। समीकरण मुश्किल था, लेकिन नामुमकिन नहीं।

चेन्नई की पारी: उतार-चढ़ाव से भरा सफर

संशोधित लक्ष्य का पीछा करते हुए चेन्नई की शुरुआत अच्छी रही। डेवोन कॉनवे और रुतुराज गायकवाड़ ने तेज शुरुआत दी। इसके बाद अजिंक्य रहाणे ने आकर मैच का रुख चेन्नई की तरफ मोड़ दिया। उन्होंने सिर्फ 27 गेंदों पर 54 रन ठोक डाले। शिवम दुबे ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। लेकिन गुजरात के गेंदबाजों ने वापसी की और मैच आखिरी ओवर तक खिंच गया।

आखिरी ओवर: जडेजा का चमत्कार

आखिरी ओवर में चेन्नई को जीत के लिए 13 रन चाहिए थे। मोहित शर्मा ने पहली चार गेंदें शानदार डालीं और सिर्फ 3 रन दिए। अब समीकरण था 2 गेंदों पर 10 रन। स्ट्राइक पर थे रवींद्र जडेजा। पांचवीं गेंद पर जडेजा ने लॉन्ग ऑन के ऊपर से छक्का जड़ा। अब आखिरी गेंद पर 4 रन चाहिए थे। मोहित ने यॉर्कर डालने की कोशिश की, लेकिन गेंद फुल टॉस हो गई और जडेजा ने उसे फाइन लेग की दिशा में चार रन के लिए भेज दिया। स्टेडियम में जश्न का माहौल छा गया। चेन्नई ने 5 विकेट से जीत दर्ज करके पांचवीं बार IPL का खिताब अपने नाम किया।

आधी रात के बाद खत्म हुआ मुकाबला

इस फाइनल की सबसे अनोखी बात यह रही कि मुकाबला आधी रात के बाद करीब डेढ़ बजे खत्म हुआ। बारिश के व्यवधानों के कारण मैच देर रात तक खिंचता चला गया। खिलाड़ियों की थकान के बावजूद दोनों टीमों ने आखिरी गेंद तक हार नहीं मानी। यह IPL इतिहास के सबसे देर तक चलने वाले फाइनलों में से एक था।

धोनी का भावुक पल

जीत के बाद महेंद्र सिंह धोनी की आंखों में आंसू देखे गए। पांचवीं बार खिताब जीतने वाली चेन्नई ने मुंबई इंडियंस के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। जडेजा ने बाद में कहा कि उन्होंने यह ट्रॉफी सिर्फ और सिर्फ धोनी के लिए जीती है। टीम के युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का यह मेल ही चेन्नई की सफलता का राज रहा।

इस फाइनल से मिली सीख

  • कभी हार न मानें: आखिरी ओवर में 10 रन बनाना नामुमकिन लग रहा था, लेकिन जडेजा ने कर दिखाया।
  • अनुभव की कीमत: धोनी की कप्तानी में चेन्नई ने दबाव की स्थिति में भी संयम नहीं खोया।
  • प्रकृति से जंग: दो दिन तक चले इस फाइनल ने दिखाया कि क्रिकेट में धैर्य भी एक हथियार है।
  • टीम वर्क: रहाणे, दुबे, कॉनवे और जडेजा, हर किसी ने अपने हिस्से का योगदान दिया।

IPL 2023 Final सिर्फ एक क्रिकेट मैच नहीं था, बल्कि धैर्य, जज्बे और जुनून की कहानी थी। बारिश ने दो दिन तक इंतजार करवाया, DLS ने समीकरण बदले, लेकिन अंत में जीत उसी की हुई जिसने आखिरी गेंद तक विश्वास बनाए रखा। यही वजह है कि यह फाइनल आज भी क्रिकेट प्रेमियों के दिलों में जिंदा है।

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